-31-03-2020 को covid -19 के दौरान नारायण युवक मंडल बरी ने लोगो को बचने के लिए स्वास्थ विभाग द्वारा पेम्पलेट्स को घर -घर जाकर बटा ऑल कोरोना से सावदानी के प्रति जागरूक कराया !
Thursday, October 29, 2020
appdix 4
-16-2-2020 ग्राम बरी में पानी की समस्या चल रही थी।जिस में स्थानीय व नारायण युवक मंडल बरी के सदस्यों ने जल विभाग की पानी ठीक करने में मदद की।
नशे के ऊपर
-15 औगेस्ट 2019 को ग्राम बरी के एक युवक की दुर्घटना हुवी !युवक की आर्थिक सथिति ख़राब होने के कारण युवक के इलाज के लिए नारायण युवक बरी ने पुरे बरी ग्राम से चंदा लेकर युवक के इलाज के लिए दिया गया !
-5/11/2019से 15/12/2019 तक ग्राम पंचयत बरी मे नशीले पर्दाथों ऑल शराब के रोक हेतु विशेष अभियान चलाया गया जिसमे नारायण युवक मंडल ने इस अभियान मे अपनी भागीदारी दी इसके अंतर्गत निम्नलिखित कार्य किये :-
-रैली
disater mMagment
-नारायण युवक मंडल ने उड़ान समाज सेवा (NGO) के साथ मिलकर लोगो को प्राकृतिक आपदा के कारण व बचाव को लेकर विभिन पंचयतो मे कैम्प लगाए
-ग्राम पचायत मीरु, सुंगरा, बरी इत्यादि जिसमे नारायण युवक मंडल के सह -सचिव हरविंदर सिंह प्रमुख वक्ता रहे !
नारायण युवक मंडल की स्थापना :-
पूर्व मे नारायण बैंड कल्ब व वर्तमान मे नारायण युवक मंडल बरी का निर्माण सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण ादिनियम के तहत भबानागर ने किया है !नारायण युवक मंडल बरी की स्थापना सकारात्मक सोच, सामाजिक सद्भावना एवं अपनी छुपी हुई प्रतिबा को निखारना है !
वर्तमान प्रधान श्री बचन सिंह
वर्तमान सचिव कुलदीप सिंह
सस्था का नाम नारायण युवक मंडल बरी
पंजीकरण संख्या NCR-54/2012
बैंड क्लब स्थापना 1988
नारायण युवक स्थापना
ग्राम बरी तहसील निचार जिला किन्नौर
पुरुष 36
लड़किया 5
संपत्ति:-
क्लब भवन मे उत्तम किस्म के फर्नीचर
म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट इत्यादि !
नारायण युवक मंडल बरी के लक्ष्य एवं उद्देश्य :-
-खेलों मेलों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे अपनी प्रतिबा को सम्पन करना एवं बढ़- चढ़ कर भाग लेना !
-नशीले प्रदार्थ के प्रयोग अदि के विरुद्ध संघर्ष तथा इनकी हानियों के बारे लोगो को जागरूक करना !
-शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना !
-ग्रामीण स्वछता, सामाजिक कल्याण के कार्यो मे योगदान देना!
-सास्निक संस्थानों के द्वारा आयोजित कार्यक्रमों मे अपना सहयोग करना इत्यादि !
-इस संस्था का उद्देश्य समय -समय पर नई सोच के साथ नए कार्यो के लिए प्रोहसायित किया जाता है !
नारायण युवक मंडल
नारायण युवक मंडल बरी के कार्यकारणी पदादिकारियो की सूची :-
नाम पद
बचन सिंह प्रधान
भानु प्रताप उप प्रधान
कुलदीप सिंह सचिव
हरविंदर सह सचिव विक्रांत कोषाध्य्क्ष
सनी किरण मुख्य सलाकार
अविनाश सह सलाकार
सदस्य :-
संजू
राजीव
लोकेन्दर
प्रभाकर
ज्ञानपुर
अन्य सदस्य :-
विशाल अंकित अनिकेत
विपिन रोहित रवि
बिनिकीरण करण साहिल
रिषि शेरचंद राहुल
रणजीत सौरभ सुदीर
रविंदर विक्रम रोहित -2 संजीव
सुनील ओम लाल राहुल -2
अर्जुन मीनाक्षी प्रियंका
अंजली अंजली -2 मोनिका
Wednesday, October 21, 2020
HRTC कंडीशन ऑफ़ kinnaur
छोटा कंबा में एक बड़ा हादसा होने होने से आज टल गया आखिर इसमें जिम्मेदार कौन क्या चालक परिचालक या परिवहन के प्रबंधक जिन्होनें कच्चे सड़क में बिना निरीक्षण किये हुवे बस भेज कर लोगों के जान के साथ खिलवाड़ किया !
क्या विभाग अब इतनी लापरवाही बरतने लगा आज सुबह छोटा कंबा में ही बस के पिछले दोनो टायर पंचर हो गये । लगभग ये 7बजे की बात है और शाम को 5बजे के करीब बस के पिछले टायर एक्सल सहित खुल कर वही धंस गई और एक बड़ा हादसा टलने से बच गये ।
क्या लिकं रोड में इतनी खराब कंडीशन के बस भेजना जायज है । इसका जवाब देही कौन है। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार हम किसे कहें । किन्नौर में ऐसे कई गाँव है जहाँ अभी सड़कें कच्ची हैं। इसमें चालक की भी लापरवाही है। वैसे जब इस तरह की घटना में बस की लाइनमेंट किदर जा रही है। चालक को पता चलना चाहिए ।
अक्सर जब टायर ढीले हो रहें हो बस वैस भी भारी हो जयेगा फिर कैसे चालक ने ये सब ध्यान नहीं दिया ।
लिंक रोड में बसों की कंडीशन बेहतर हो और कुशल ड्राईवर
भी हो ।
इस तरह के हादसा होने पर तकनीकी प्रबंधक पर कार्यवाही होना चाहिए ताकी भविष्य में इस प्रकार की घटना फिर कभी कहीं ना हो ।
Tuesday, October 13, 2020
दादा जी
दादा जी हमारे एक प्रिय मित्र होते हैं
दादा जी हमारे जीवन में एक प्रिय मित्र की तरह होते हैं वह अपने पोता पोती को सीने से लगाकर रखते हैं जब वह पोता पोती उन्हें ना सामने दिख जाए तो उनकी चिंता काफी ज्यादा बढ़ जाती है कई बार बचपन में हम खेलकूद में दादा जी के साथ उनकी बीमारियों को भी दूर कर देते हैं पर बचपन की वह आदत जिसके कारण हमारे दादा जी ठीक होते हैं ऐसी दवा बन जाती है जिससे वह हमसे दूर नहीं रह पाते हैं कारण उनकी मोहब्बत का होता है जो उन्होंने हम पर लुटाई होती है दादाजी शब्दों में जितना ज्यादा कहूं उतना ही कम है पर सच तो वही है कि दादाजी की एक बात ही कुछ अलग होती है जिसके कारण उनके बेटे उनके सामने कुछ नहीं कह पाते पोता पोती की गलतियों पर भी वह पर्दा लगा देते हैं क्योंकि उन्हें कोई डांट ना लगे और यही कमजोरी वह अपनी ताकत भी बना लेते हैं परदादा जी को सब मालूम होता है कि मेरा पोता पोती भविष्य में संगति कौन सा चुने वाले है पर वह अपने बहू बेटे को पहले ही संदेश देते हैं कि आप इन्हें इन संगत से दूर रखने की कोशिश करें उन्हें उस वक्त सही का ज्ञान नहीं होता है जिसके कारण उनके जीवन में बहुत बड़ा दर्द हो जाता है आज दुनिया भी दादाजी के प्यार को देख कर हैरान रह जाते हैं
कुलदीप नेगी दादा जी हमारे एक प्रिय मित्र होते हैं
दादा जी हमारे जीवन में एक प्रिय मित्र की तरह होते हैं वह अपने पोता पोती को सीने से लगाकर रखते हैं जब वह पोता पोती उन्हें ना सामने दिख जाए तो उनकी चिंता काफी ज्यादा बढ़ जाती है कई बार बचपन में हम खेलकूद में दादा जी के साथ उनकी बीमारियों को भी दूर कर देते हैं पर बचपन की वह आदत जिसके कारण हमारे दादा जी ठीक होते हैं ऐसी दवा बन जाती है जिससे वह हमसे दूर नहीं रह पाते हैं कारण उनकी मोहब्बत का होता है जो उन्होंने हम पर लुटाई होती है दादाजी शब्दों में जितना ज्यादा कहूं उतना ही कम है पर सच तो वही है कि दादाजी की एक बात ही कुछ अलग होती है जिसके कारण उनके बेटे उनके सामने कुछ नहीं कह पाते पोता पोती की गलतियों पर भी वह पर्दा लगा देते हैं क्योंकि उन्हें कोई डांट ना लगे और यही कमजोरी वह अपनी ताकत भी बना लेते हैं परदादा जी को सब मालूम होता है कि मेरा पोता पोती भविष्य में संगति कौन सा चुने वाले है पर वह अपने बहू बेटे को पहले ही संदेश देते हैं कि आप इन्हें इन संगत से दूर रखने की कोशिश करें उन्हें उस वक्त सही का ज्ञान नहीं होता है जिसके कारण उनके जीवन में बहुत बड़ा दर्द हो जाता है आज दुनिया भी दादाजी के प्यार को देख कर हैरान रह जाते हैं
कुलदीप नेगी
Friday, October 2, 2020
कहा से आए हम
-कहाँ से कहाँ आ गए हम
हाथरस के घटना क्रम को देखा जाए तो यह भ्रम टूट जाता है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। जिनते सुरक्षा कर्मी वहाँ पहरा दे रहे हैं, इतना पहरा तो आंतकवादियों के लिए भी नहीं होता । यह भी प्रश्न चिह्न रहा है विगत कुछ वर्षों से कि विपक्ष कुछ नहीं कह रहा, न कुछ कर रहा है। सच तो यह दिख रहा है कि विपक्ष को छुपाया जा रहा है। विपक्ष अपना कर्तव्य निभा रहा है, परन्तु किसी भी मिडिया में उन्हें प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।
संदेह तो था कि यह देश सामंतवाद की ओर लौट रहा है, आज प्रमाण मिल रहा है कि उससे भी पतित काल में हम जा रहे हैं। यदि यही हमारी गति रही तो वह दिन दूर नहीं जब हम पाषाणकाल की संस्कृति का गुणगान करते हुए, उस युग में जीएं। युवाओं की सोचने की क्षमता समाप्त है, एक ज़ोम्बी के समान युवाओं की भीड को कहीं भी मोडा या बहकाया जा रहा है।
दुर्भाग्य है कि हम मनुष्य को मनुष्य नहीं समझते और न ही सभी देशवासियों को भारत के नागरिक । आज भी वह हाथरस की बेटी एक दलित की बेटी है, वह क्या भारत की बेटी नहीं है? क्यों नहीं कहा जा रहा है कि वह भारत की बेटी है। जब तक हम ऐसी रेखा खींचेंगे, तबतक हम यह भी प्रमाणित करते रहेंगे कि हम इस पृथ्वी पर सबसे पतित समाज के संरक्षक हैं। अत्याचार और अपराध तो इन निर्बलों के साथ होता रहा है, इनके लिए न्याय की आशा केवल ईश्वरीय याचना है। कम से कम अंतिम संस्कार का अधिकार और सम्मान तो न छीना होता, कुछ तो मानवीयता के अवशेष बच जाते।
कोई राजनेता खुलकर नहीं बोल रहा, कोई अभिनेता विरोध नहीं कर रहा, विपक्ष को छुपाया जा रहा है, पत्रकार को और अधिवक्ता को भी पीडित परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इतिहास को एक बार फिर पढ लिजिए, अंग्रेजी शासन में भी इतनी अराजकता नहीं थी।
सदियों बाद हम भारतीयो को स्वतंत्रता की चाह हुई और तन मन धन की आहूति देकर हमने इस स्वतंत्र भारत को पाया। हम कहाँ से कहाँ पहुंच गए। लोकतंत्र कहीं हो, और यह सब देख रहा हो, उसने निश्चय ही आत्महत्या कर ली होगी।
कितने नीचे हम गिर गए हैं, इसकी अनुभूति आज हमें नहीं होगी परन्तु भविष्य में अवश्य हमें रोना आएगा कि हमने लोकतंत्र को क्यों नहीं बचाया, क्यों हमने अपनी स्वतंत्रता नहीं बचाई..... पुनः विचार करो ... हमने क्या पाया, क्या खोया.... बचा लो इस देश
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-16-2-2020 ग्राम बरी में पानी की समस्या चल रही थी।जिस में स्थानीय व नारायण युवक मंडल बरी के सदस्यों ने जल विभाग की पानी ठीक करने में मदद की...